जय हिन्द वन्देमातरम

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रविवार, 17 अक्तूबर 2010

दशहरे की शुभकामनाये.

सबसे पहले तो दशहरे की शुभ कामनाए . दोस्तों आज के दिन को विजयदशमी और हमारे यहाँ जतरा के नाम से भी जाना जाता है और आज के दिन को बहुत ही शुभ माना जाता है और ये माना जाता है की आज के दिन यदि कोई कार्य आरम्भ किया जाये तो उसमे सफलता निश्चित है . बचपन में इस दिन सुबह से ही हमारे यहाँ नीलकंठ पक्षी की खोज शुरू हो जाती थी . इस पक्षी के बारे में शायद आप लोग जानते ही होंगे कि यह पक्षी शंकर भगवान के नाम से ही जुड़ा हुआ है .हम बच्चे लोग सुबह से ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक नीलकंठ की खोज में लगे रहते थे और नीलकंठ को भी शायद पता था की आज उनकी डिमांड ज्यादा है सो नीलकंठ भी और दिनों के मुकाबले बहुत कम ही दिखाई देते थे. एक छत पर यदि नीलकंठ दिख जाये तो उन घरवालों की तो जैसे जिम्मेदारी थी की वोह आस-पास के लोगों को बुला कर उन्हें भी दर्शन कराये. एक बार अगर नीलकंठ के दर्शन हो गए तो समझो की उसके बाद तो पूरा साल शुभ ही शुभ है. उसके बाद सारे लोग नहा धो कर माँ दुर्गा का विसर्जन करने के बाद सभी बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते है .
हमारे मिथिला में तरह तरह के व्यंजन आज बनाये जाते है और विशेष कर तरुआ (पकोड़ा) जरुर बनता है .उसमे भी तिलकोर के तरुए का होना तो एकदम आवश्यक है.हमारे मिथिलांचल के लोग इस तरुए को शौक से खाते और खिलातें है . अब तो में भी तरुआ बना लेती हूँ पर मेरे माँ के हाथ के तरुए का तो को जबाव ही नहीं है. इसी के साथ एक बार फिर से दशहरे की आप सभी को शुभ कामनाये. विशेष कर राज को जिन्होंने कल से ही ब्लॉग लिखना प्रारम्भ किया है.

3 टिप्‍पणियां:

S.M.MAsum ने कहा…

धन्यवाद्. आप सब को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीकात्मक त्योहार दशहरा की शुभकामनाएं. आज आवश्यकता है , आम इंसान को ज्ञान की, जिस से वो; झाड़-फूँक, जादू टोना ,तंत्र-मंत्र, और भूतप्रेत जैसे अन्धविश्वास से भी बाहर आ सके. तभी बुराई पे अच्छाई की विजय संभव है.

Udan Tashtari ने कहा…

विजय-दशमी पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

सादर

समीर लाल

Dr.J.P.Tiwari ने कहा…

विजय दशमी की आप सब को बधाई और शुभ कामनाएँ|