जय हिन्द वन्देमातरम

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रविवार, 12 जून 2011

बाल मजदूरी का विरोध कीजिये :बाल मजदूरी निषेध दिवस पर विशेष

17 टिप्‍पणियां:

Bhushan ने कहा…

बंधुआ बाल श्रमिकों की हृदयविदारक छवियाँ हैं. इससे पता चलता है कि हम मानव संसाधन प्रबंधन में कितने पिछड़े हुए हैं.
आपका हृदय से आभार.

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

सुंदर सार्थक सन्देश .........आभार

G.N.SHAW ने कहा…

इसे रोकना जरुरी है ! सुन्दर

Vivek Jain ने कहा…

सार्थक सन्देश


- विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

चैतन्य शर्मा ने कहा…

हाँ इसे रुकना चाहिए..... सुंदर सन्देश

फणि राज मणि चन्दन ने कहा…

We all need to be vigilant enough and should have willingness to remove it from the core of our society.

You are doing great job by writing and highlighting on various problems of our society. Keep it up.

Many thanks for your comment on my blog.

Regards
Fani Raj

singhSDM ने कहा…

यह प्रस्तुति बहुत सुन्दर और प्रेरणा देने वाली है.लेख आँखे खोलता है.

BrijmohanShrivastava ने कहा…

आप अच्छे संदेश देती है दयनीय बच्चों के चित्र देखे । न जाने कब से यह चल रहा है और कब तक चलेगा । आज ही आपके दूसरे ब्लाग पर ज्ञान जी का व्यंग्य पढा। आपकी पसंद उत्तम है मैने आपके ब्लाग पर दुष्यंत जी की गजल देखी है।

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

मन-मस्तिष्क को झकझोर देने वाले चित्र .....सार्थक प्रस्तुति

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बाल श्रम पर सटीक और सार्थक प्रस्तुति

अभिषेक मिश्र ने कहा…

Sabhya samaj kahlane ka adhikar tabhi hai, jab aisi paranparayein band hon.

Dilbag Virk ने कहा…

आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
चर्चा मंच{16-6-2011}

ZEAL ने कहा…

बहुत ज़रूरी है की समाज में बाल श्रम के प्रति जागरूकता आये। ये उम्र पढने खेलने की है , श्रम की नहीं।

रविकर ने कहा…

बाल मजदूरी का विरोध कीजिये ||
सार्थक प्रस्तुति ||

veerubhai ने कहा…

डेढ़ मिनिट से भी कम अवधि का वृत्त चित्र सब कुछ कह गया .सोते हुए को जगाना आसान है लेकिन जो जाग रहा है उसे कैसे जगाया जाए .६४ साल की आज़ादी का हासिल है यह बाल -शोषण ,पोषण और दोहन की उम्र में शोषण ।
न हो कमीज़ तो पांवों से पेट ढक लेंगें ,
ये लोग कितने मुनासिब हैं इस सफ़र के लिए .और यह सब इसलिए बच्चे वोट बैंक नहीं हैं ,अल्प -संख्यक नहीं हैं .भारत सबसे ज्यादा जवान देश है .ये ही है कल का अहिन्दुस्तान जिसके विकास की रफ्तार का ढोल दिन में बारहा पीटा जाता है .इंडिया हेबीटाट सेंटर के तल घर में.

mahendra srivastava ने कहा…

बाल मजदूरी के खिलाफ तो देश के हर कोने से आवाज उठनी चाहिए। इसमें जहां जो भी कुछ कर सकता है, आगे आना चाहिए।

Omprakash choudhary ने कहा…

बहुत ही खुब
ह्रदय की गहराइयों से अभिनंदन
💐💐